नई दिल्ली, 9 जनवरी || सरकार ने शुक्रवार को कहा कि भारत का डेयरी सेक्टर एक बड़े डिजिटल बदलाव से गुज़र रहा है, जो न सिर्फ़ इसकी प्रोडक्टिविटी बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि किसानों की भलाई के साथ-साथ पारदर्शिता और सबको साथ लेकर चलने को भी बढ़ावा देगा।
भारत दुनिया में दूध का सबसे बड़ा उत्पादक है, जो ग्लोबल उत्पादन का 25 प्रतिशत है।
यह बदलाव, जिसमें किसानों, कोऑपरेटिव और डेयरी वैल्यू चेन के सभी स्टेकहोल्डर्स को जोड़ने वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म का विकास शामिल है, नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) द्वारा किया जा रहा है।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, "ये सिस्टम न सिर्फ़ ऑपरेशनल प्रोडक्टिविटी बढ़ा रहे हैं, बल्कि यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि लाखों छोटे और सीमांत डेयरी किसान सीधे एक आधुनिक, टेक-ड्रिवन इकोसिस्टम से जुड़ें।"
इंटीग्रेटेड डिजिटल टूल्स में ऑटोमैटिक मिल्क कलेक्शन सिस्टम (AMCS) शामिल है, जिससे 54 मिल्क यूनियनों में 17.3 लाख से ज़्यादा दूध उत्पादकों को फ़ायदा हुआ है। यह पारदर्शी पेमेंट और कुशल संचालन सुनिश्चित करता है।