दुबई/नई दिल्ली, 5 जनवरी || एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ग्रेटर नोएडा में गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (GIMS) में हाल ही में लॉन्च किया गया भारत का पहला सरकारी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्लिनिक, देश के पब्लिक हेल्थ सिस्टम में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी को इंटीग्रेट करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
गल्फ न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, इस पहल का मकसद बीमारियों का जल्दी पता लगाना, डायग्नोसिस और इलाज को बढ़ावा देना है, जो नतीजों और जीवित रहने की दर को बेहतर बनाने के लिए बहुत ज़रूरी हो सकता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह क्लिनिक AI का इस्तेमाल करके जेनेटिक स्क्रीनिंग करेगा, जो कैंसर, दिल की बीमारी, किडनी की बीमारी और लिवर की बीमारी जैसी बीमारियों का तेज़ी से पता लगाने में मदद कर सकता है। सेंटर में AI टूल्स एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, MRI रिपोर्ट और लैब जांच को समझने में भी मदद करेंगे, जिससे डॉक्टरों को डायग्नोसिस की सटीकता और गति में सुधार करने में मदद मिलेगी।
GIMS के डायरेक्टर ब्रिगेडियर (डॉ.) राकेश कुमार गुप्ता के हवाले से कहा गया है, "यह क्लिनिक ब्लड टेस्ट, इमेजिंग स्कैन और अन्य क्लिनिकल डेटा का एनालिसिस करने के लिए जेनेटिक स्क्रीनिंग के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करेगा।"
उन्होंने आगे कहा कि यह पहल हेल्थकेयर स्टार्टअप के लिए भी नए अवसर खोलेगी।