नई दिल्ली, 5 जनवरी || एक स्टडी के अनुसार, टाइप 2 डायबिटीज चुपचाप दिल की बनावट और उसके एनर्जी बनाने के तरीके को बदल देती है, जिससे हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ जाता है।
ऑस्ट्रेलिया की सिडनी यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने डोनेट किए गए इंसानी दिलों पर स्टडी की और पाया कि डायबिटीज दिल की कोशिकाओं के एनर्जी बनाने के तरीके को खराब करती है, मांसपेशियों की बनावट को कमजोर करती है, और सख्त, रेशेदार टिशू के जमाव को बढ़ाती है जिससे दिल के लिए पंप करना मुश्किल हो जाता है।
ये असर इस्केमिक कार्डियोमायोपैथी वाले मरीजों में सबसे ज़्यादा देखे गए - जो हार्ट फेलियर का मुख्य कारण है।
EMBO मॉलिक्यूलर मेडिसिन जर्नल में पब्लिश हुई ये फाइंडिंग्स यह समझाने में मदद कर सकती हैं कि डायबिटीज वाले लोगों को हार्ट फेलियर का खतरा ज़्यादा क्यों होता है।
स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज के डॉ. बेंजामिन हंटर ने कहा, "हमने लंबे समय से दिल की बीमारी और टाइप 2 डायबिटीज के बीच एक संबंध देखा है, लेकिन यह पहली रिसर्च है जो डायबिटीज और इस्केमिक दिल की बीमारी को एक साथ देखती है और दोनों स्थितियों वाले लोगों में एक यूनिक मॉलिक्यूलर प्रोफाइल का पता लगाती है।"