चेन्नई, 8 जनवरी || केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, 2025 में तमिलनाडु में देश में डेंगू के सबसे ज़्यादा मामले सामने आए हैं, फिर भी शुरुआती पहचान और तुरंत मेडिकल मदद के कारण मौतों की संख्या काफी कम रही है।
जनवरी से नवंबर 2025 के बीच, राज्य में डेंगू के 20,866 मामले और 12 मौतें दर्ज की गईं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने मामलों की ज़्यादा संख्या का कारण बेकाबू प्रकोप को नहीं, बल्कि तमिलनाडु की बीमारी निगरानी और रिपोर्टिंग सिस्टम की मज़बूती को बताया, जो प्राइमरी हेल्थ सेंटर (PHC) लेवल से लेकर सेकेंडरी और टर्शियरी केयर अस्पतालों तक इन्फेक्शन पर नज़र रखता है।
दक्षिणी राज्यों में, केरल में इसी अवधि के दौरान डेंगू से संबंधित सबसे ज़्यादा मौतें हुईं, जिसमें 49 मौतें और 10,239 मामले सामने आए।
आंध्र प्रदेश में 2,384 मामले और पांच मौतें हुईं, जबकि तेलंगाना में 8,139 मामले दर्ज किए गए और कोई मौत नहीं हुई, और कर्नाटक में 6,759 मामले सामने आए, जिसमें भी कोई मौत नहीं हुई।