नई दिल्ली, 20 फरवरी || केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने शुक्रवार को कहा कि नए अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान (AIIMS) को AIIMS प्रणाली से जुड़े संस्थागत मूल्यों को संरक्षित रखते हुए रोगी देखभाल और चिकित्सा शिक्षा में विश्वस्तरीय मानक स्थापित करने चाहिए।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित नए AIIMS के अध्यक्षों और कार्यकारी निदेशकों के 'नेतृत्व सम्मेलन' को संबोधित करते हुए मंत्री ने जोर दिया कि AIIMS नेटवर्क के विस्तार के वर्तमान चरण में यह सम्मेलन प्रासंगिक और महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि रोगी देखभाल, शिक्षण और अनुसंधान के बीच संतुलित दृष्टिकोण बनाए रखना आवश्यक है, जिसमें रोगी-केंद्रित मॉडल को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
नड्डा ने संरचित रोगी प्रतिक्रिया तंत्र स्थापित करने और रोगी संतुष्टि बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।
मंत्री ने आगे पारस्परिक सहयोग और संरचित समन्वय के महत्व पर बल दिया ताकि संस्थान समन्वित तरीके से एक साथ विकसित हो सकें।
उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि 20 एम्स ने राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप समन्वित स्वास्थ्य अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए एक सहयोगी अनुसंधान संघ की स्थापना की है, और कहा कि इस पहल को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए संस्थागत नेतृत्व को प्रशासनिक दक्षता और अकादमिक उत्कृष्टता का मिश्रण करना होगा।
मंत्री ने पारंपरिक प्रथाओं से आगे बढ़कर निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में अधिक पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता को बढ़ावा देने का आह्वान किया।