चंडीगढ़, 20 फरवरी || हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को बजट सत्र के पहले दिन कहा कि सरकार ने दक्षता बढ़ाने, बेहतर आवास सुविधाएं प्रदान करने और शहरी नियोजन एकीकरण को मजबूत करने के लिए हरियाणा आवास बोर्ड को भंग कर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में विलय कर दिया है।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि हरियाणा आवास बोर्ड और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के कार्य काफी हद तक समान हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि आवास बोर्ड के सभी कर्मचारियों के हितों की पूरी तरह से रक्षा की गई है।
यह प्रस्ताव हरियाणा आवास बोर्ड अधिनियम, 1971 की धारा 80 की उपधारा (1) के प्रावधानों के तहत पारित किया गया। अब, बोर्ड की सभी जिम्मेदारियां हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में निहित होंगी।
इससे पहले, पिछले सत्र और इस सत्र के बीच दिवंगत हुए प्रमुख व्यक्तियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए शोक प्रस्ताव पारित किए गए।
सदन के नेता मुख्यमंत्री सैनी ने श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक प्रस्ताव पढ़े। इनमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, पूर्व राज्य मंत्री सुरिंदर कुमार मदन, पूर्व विधायक आनंद कौशिक और विधायक मम्मन खान के भतीजे साहिल खान शामिल हैं।
अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने भी शोक प्रस्ताव पढ़े और दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।