चंडीगढ़, 20 फरवरी || हरियाणा के राज्यपाल असीम कुमार घोष ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार ने ‘लालफीताशाही’ को हटाकर एक स्वागत योग्य ‘लाल कालीन’ बिछाया है, जिससे राज्य भारत के सबसे भरोसेमंद निवेश स्थलों में से एक बन सके।
उन्होंने राज्य की राजधानी में विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन अपने पारंपरिक संबोधन में कहा कि नीतिगत स्पष्टता, मजबूत बुनियादी ढांचा और सुधार-उन्मुख शासन ने निवेशकों के विश्वास को काफी बढ़ाया है, रिकॉर्ड निवेश आकर्षित किया है और पूरे राज्य में रोजगार सृजन को गति दी है।
पश्चिम बंगाल की पारंपरिक पोशाक पहने राज्यपाल घोष ने अपने भाषण की शुरुआत वंदे मातरम को ‘भारत की आत्मा की पुकार’ बताते हुए की।
उन्होंने कहा कि वंदे मातरम का सार संस्कृति और लोकगीतों में ‘अंतर्निहित’ है।
भारत सरकार द्वारा पिछले नवंबर में जारी व्यापार सुधार कार्य योजना (बिजनेस रिफॉर्म्स एक्शन प्लान) रैंकिंग के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि राज्य ने 400 कठिन सुधारों को लागू करते हुए 99.50 प्रतिशत के प्रभावशाली स्कोर के साथ ‘शीर्ष उपलब्धि’ हासिल की है।
राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि हरियाणा अब वैश्विक और घरेलू निवेशकों के लिए एक पसंदीदा केंद्र के रूप में मजबूती से स्थापित हो चुका है।