गांधीनगर, 9 फरवरी || गुजरात स्वास्थ्य विभाग सोमवार को भरूच, नर्मदा और दांग जिलों के चार तालुकों में फाइलेरिया के खिलाफ सामूहिक औषधि वितरण (एमडीए) कार्यक्रम का तीसरा चरण शुरू करेगा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
इस अभियान का उद्देश्य केंद्र सरकार के 2030 तक इस बीमारी को देशव्यापी स्तर पर खत्म करने के लक्ष्य के अनुरूप, लिम्फैटिक फाइलेरियासिस के नाम से भी जाने जाने वाले हाथीपांव रोग को समाप्त करना है।
एमडीए अभियान भरूच जिले के नेतरांग तालुका, नर्मदा जिले के नंदोद और देदियापाड़ा तालुकों और दांग जिले के वाघाई तालुका में चलाया जाएगा।
इन चार तालुकों में इस कार्यक्रम के तहत 5.48 लाख से अधिक लोगों को शामिल किए जाने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, गुजरात ने सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के 17 जिलों को फाइलेरिया रोग के प्रति संवेदनशील घोषित किया है।
पहले गैर-स्थानिक माने जाने वाले क्षेत्रों में रोग निगरानी के अंतर्गत, कई जिलों और नगर निगमों में रात्रि रक्त सर्वेक्षण किए गए।
इन सर्वेक्षणों में चार तालुकों से लिए गए रक्त नमूनों में फाइलेरिया परजीवी पाए गए, जिसके परिणामस्वरूप इन्हें एमडीए कार्यक्रम में शामिल किया गया।