9 फ़रवरी 2026, चंडीगढ़:
डिजिटल सुरक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, डीएवी कॉलेज की एनएसएस इकाई ने अमर उजाला के सहयोग से 9 फ़रवरी 2026 को डीएवी कॉलेज, चंडीगढ़ परिसर में साइबर अपराध जागरूकता अभियान का आयोजन किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में माननीय श्री ए. वी. वेंकटेश, डीएसपी साइबर क्राइम उपस्थित रहे। उनके साथ श्री करण सोनी, साइबर क्राइम विशेषज्ञ भी विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिनका ज्ञानवर्धक व्याख्यान कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। उन्होंने छात्रों एवं शिक्षकों को आज के डिजिटल युग में बढ़ती साइबर अपराध की चुनौतियों के प्रति जागरूक किया। अपने संबोधन में उन्होंने ऑनलाइन धोखाधड़ी, पहचान की चोरी, फ़िशिंग, डाटा उल्लंघन तथा डिजिटल शोषण जैसे गंभीर विषयों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध अब कोई दूरस्थ तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक वास्तविकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से डिजिटल जीवन में सतर्कता, नैतिक आचरण और सूचित निर्णय लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में अमर उजाला की वरिष्ठ मुख्य संवाददाता श्रीमती वीना तिवारी जी तथा वरिष्ठ पत्रकार सुश्री मोनिका नागर जी और श्री संदीप खत्री, अपराध संवाददाता की गरिमामयी उपस्थिति ने शैक्षणिक संस्थानों और मीडिया के बीच सामाजिक जागरूकता के प्रसार के महत्वपूर्ण संबंध को सुदृढ़ किया।
सभा को संबोधित करते हुए डीएवी कॉलेज की प्राचार्या डॉ. मोना नारंग ने जिम्मेदार डिजिटल नागरिकों के निर्माण में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित और जिम्मेदारीपूर्वक आगे बढ़ने के लिए आवश्यक जागरूकता, मूल्यों और समझ से भी सुसज्जित करना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि जागरूकता ही साइबर अपराध की रोकथाम का सबसे प्रभावी साधन है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार, नैतिक डिजिटल आचरण और साइबर अपराधों के कानूनी परिणामों के प्रति जागरूक करना था। यह पहल राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के व्यापक उद्देश्यों — सामाजिक उत्तरदायित्व, सामुदायिक सहभागिता और जागरूक नागरिकता — के अनुरूप है।
कार्यक्रम का सफल समन्वय एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. मनमिंदर सिंह आनंद, डॉ. राघव खन्ना, डॉ. योग्याता और डॉ. कश्मा द्वारा किया गया। चारों इकाइयों के एनएसएस स्वयंसेवकों के अनुशासन और समर्पण ने कार्यक्रम के सुचारु संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम का समापन इस सशक्त संदेश के साथ हुआ कि विद्यार्थी सजग, जागरूक और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनें, क्योंकि डिजिटल युग में जागरूकता ही सुरक्षा की पहली पंक्ति है।