इंफाल, 9 फरवरी || अधिकारियों ने बताया कि मणिपुर के उखरुल जिले के विभिन्न हिस्सों में सोमवार को भी रुक-रुक कर हुई झड़पों और नागा और कुकी आदिवासी समुदायों के कम से कम 20 घरों में आग लगाए जाने के बाद तनाव बना रहा।
इंफाल के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि रविवार रात को उखरुल जिले के लिटन सरेइखोंग गांव में संदिग्ध सशस्त्र उग्रवादियों ने कई घरों में आग लगा दी। यह घटना तब हुई जब तंगखुल नागा समुदाय के एक सदस्य पर कुछ लोगों ने "बुरी तरह से हमला" किया था।
रविवार शाम और रात को लिटन गांव में नागा और कुकी आदिवासी समूहों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई, जिसके बाद जिला प्रशासन को निषेधाज्ञा लागू करनी पड़ी।
तंगखुल मणिपुर का सबसे बड़ा नागा समुदाय है, जबकि लिटन सरेइखोंग में मुख्य रूप से कुकी समुदाय के लोग रहते हैं।
उखरुल जिले के मजिस्ट्रेट आशीष दास ने रविवार रात को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू करते हुए कहा कि विश्वसनीय सूत्रों से मिली रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि लिटान गांव में तंगखुल नागा और कुकी समुदायों के बीच शांति भंग होने की संभावना है।