नई दिल्ली, 5 फरवरी || ऑस्ट्रेलिया में हुए एक विश्व-स्तरीय परीक्षण में पाया गया है कि हेपेटाइटिस बी डीएनए की जांच के लिए किया जाने वाला साधारण फिंगरस्टिक टेस्ट मानक प्रयोगशाला परीक्षणों जितना ही सटीक है। इससे दूरस्थ और सीमित संसाधनों वाले क्षेत्रों में इसकी व्यापक पहुंच का मार्ग प्रशस्त होगा।
जर्नल ऑफ क्लिनिकल माइक्रोबायोलॉजी में प्रकाशित इस अध्ययन में दिखाया गया है कि यह प्वाइंट-ऑफ-केयर टेस्ट एक घंटे के भीतर परिणाम दे सकता है और इसे विकेंद्रीकृत क्लीनिकों में किया जा सकता है, समाचार एजेंसी ने रिपोर्ट किया।
ऑस्ट्रेलिया में न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय के किर्बी इंस्टीट्यूट के एक बयान के अनुसार, फिंगरस्टिक टेस्ट प्रयोगशाला-आधारित परीक्षणों के कारण होने वाली देरी को दूर करने में सहायक हो सकता है।
किर्बी इंस्टीट्यूट में इस शोध का नेतृत्व करने वाली प्रोफेसर गेल मैथ्यूज ने कहा, "हमारे परीक्षण के परिणामों से पता चला है कि फिंगरस्टिक प्वाइंट-ऑफ-केयर टेस्ट अत्यधिक सटीक है और पारंपरिक परीक्षणों की सटीकता के लगभग बराबर है।"
मैथ्यूज ने कहा कि इस खोज में "वैश्विक स्तर पर परीक्षण और उपचार की पहुंच बढ़ाने" की क्षमता है, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां परीक्षण की सुविधा सीमित है।