नई दिल्ली, 16 जनवरी || एक स्टडी में पता चला है कि आपके मुंह के बैक्टीरिया आपकी आंतों की सेहत पर काफी असर डाल सकते हैं, और क्रोनिक लिवर रोग के खतरे का अनुमान लगा सकते हैं।
हर साल, 20 लाख से ज़्यादा लोग एडवांस क्रोनिक लिवर रोग (ACLD) से मर जाते हैं।
नेचर माइक्रोबायोलॉजी जर्नल में पब्लिश हुई इस स्टडी में, रिसर्चर्स ने 86 मरीजों के लार और मल के सैंपल में बैक्टीरिया की आबादी का एनालिसिस किया।
जर्मनी की टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ़ म्यूनिख की टीम ने पाया कि लिवर की बीमारी बिगड़ने पर आंत और मुंह दोनों के माइक्रोबायोम में काफी बदलाव होते हैं, जहां मुंह के माइक्रोबायोम में बदलाव बीमारी के शुरुआती स्टेज में ही पता चल गए थे।
स्वस्थ लोगों में, शरीर के अलग-अलग हिस्सों में बैक्टीरिया के समुदाय काफी अलग होते हैं।
लेकिन, लिवर की बीमारी वाले मरीजों में, बीमारी बढ़ने के साथ-साथ मुंह और आंतों के माइक्रोबायोम ज़्यादा से ज़्यादा एक जैसे होते गए, और मरीजों के मुंह और आंतों से लगभग एक जैसे बैक्टीरियल स्ट्रेन मिले।