नई दिल्ली, 13 जनवरी || विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मंगलवार को कहा कि दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र, जो दुनिया की एक चौथाई आबादी का घर है, ने वाइल्ड पोलियोवायरस का आखिरी मामला दर्ज होने के बाद से 15 साल पूरे कर लिए हैं।
वैश्विक स्वास्थ्य संस्था ने कहा कि यह क्षेत्र पोलियो कार्यक्रम से मिले इनोवेशन और सीख का इस्तेमाल करके व्यापक सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रगति को तेज़ करते हुए अपनी पोलियो-मुक्त स्थिति को बनाए हुए है।
WHO दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र की ऑफिसर-इन-चार्ज डॉ. कैथरीना बोहेम ने कहा, "यह असाधारण उपलब्धि बेमिसाल प्रयासों का नतीजा है और यह दिखाता है कि अटूट सरकारी नेतृत्व, समर्पित स्वास्थ्य कर्मचारियों और समुदायों सहित मज़बूत पार्टनरशिप के ज़रिए क्या हासिल किया जा सकता है और उसे बनाए रखा जा सकता है।"
बोहेम ने आगे कहा, "पोलियो स्थानिक बीमारी से लेकर लगातार पोलियो-मुक्त स्थिति तक का सफर यह दिखाता है कि महत्वाकांक्षी सार्वजनिक स्वास्थ्य लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।"
13 जनवरी, 2011 को पश्चिम बंगाल के हावड़ा में वाइल्ड पोलियोवायरस से लकवाग्रस्त हुई 18 महीने की बच्ची दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में वाइल्ड पोलियोवायरस का आखिरी मामला था।
इस मामले के बाद बड़े पैमाने पर और गहन कार्रवाई की गई, जिसके कारण WHO ने 27 मार्च, 2014 को इस क्षेत्र को पोलियो-मुक्त घोषित कर दिया।