नई दिल्ली, 13 जनवरी || मंगलवार को एक स्टडी के अनुसार, महिलाओं और बुजुर्गों में वैक्सीन लगवाने में हिचकिचाहट ज़्यादा होती है, जिसमें 1.1 मिलियन से ज़्यादा लोगों के डेटा का एनालिसिस किया गया।
द लैंसेट में पब्लिश हुई इस स्टडी में कोविड-19 वैक्सीन लेने के आधार पर हिचकिचाहट का एनालिसिस किया गया और पाया गया कि वैक्सीन के प्रति हिचकिचाहट उनकी असरदार होने की चिंताओं से जुड़ी थी। हालांकि यह समय के साथ कम हुई, लेकिन कुछ लोगों में यह बनी हुई है।
यूके के इंपीरियल कॉलेज लंदन के रिसर्चर्स ने पाया कि बुजुर्गों, महिलाओं, बेरोजगार लोगों या गरीब इलाकों में रहने वाले लोगों, कोविड का इतिहास रखने वाले लोगों और कम पढ़े-लिखे लोगों में वैक्सीन न लगवाने की संभावना ज़्यादा थी।
उन्होंने वैक्सीन हिचकिचाहट की आठ कैटेगरी की पहचान की, जिसमें असरदार होने और साइड इफेक्ट्स के बारे में चिंताएं, कोविड से कम जोखिम की सोच, और वैक्सीन बनाने वालों पर अविश्वास, और वैक्सीन और रिएक्शन का डर शामिल है।
पुरुषों में महिलाओं की तुलना में यह रिपोर्ट करने की संभावना ज़्यादा थी कि उन्हें कोविड से कोई पर्सनल जोखिम महसूस नहीं हुआ (18 प्रतिशत बनाम 10 प्रतिशत)। महिलाओं में फर्टिलिटी से जुड़े नतीजों के बारे में चिंतित होने की संभावना भी ज़्यादा थी (21 प्रतिशत बनाम 8 प्रतिशत), जबकि 74 साल या उससे ज़्यादा उम्र के लोगों में 18-24 साल के लोगों की तुलना में आम तौर पर वैक्सीन के खिलाफ होने की संभावना ज़्यादा थी (12 प्रतिशत बनाम 2.5 प्रतिशत)।