जम्मू, 18 फरवरी || जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को विधानसभा में बताया कि वर्तमान में विभिन्न सरकारी विभागों में एक लाख से अधिक दिहाड़ी मजदूर और अस्थायी श्रमिक कार्यरत हैं।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा को आश्वासन दिया कि उनके नियमितीकरण के लिए कानूनी रूप से मान्य प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
सत्ता पक्ष और विपक्ष के 15 सदस्यों द्वारा पूछे गए एक संयुक्त प्रश्न के लिखित उत्तर में उमर अब्दुल्ला ने कहा कि आधार आधारित बायोमेट्रिक पहचान और कौशल प्रोफाइलिंग प्रणाली के माध्यम से कुल 1,00,501 श्रमिकों का पंजीकरण किया गया है।
उन्होंने कहा, “पंजीकृत कार्यबल में 69,696 आकस्मिक श्रमिक, 8,836 दैनिक वेतनभोगी श्रमिक, 8,534 मौसमी श्रमिक, 5,757 खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सहायक, 2,153 अंशकालिक सफाईकर्मी और अस्पताल विकास निधि के माध्यम से नियोजित 1,929 व्यक्ति शामिल हैं। श्रमिकों की सबसे अधिक संख्या (38,585) सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग में है, इसके बाद विद्युत विकास विभाग में 13,616, शिक्षा विभाग में 12,646, वन विभाग में 8,317 और लोक निर्माण (आर एंड बी) विभाग में 6,801 कर्मचारी कार्यरत हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा में भी 4,868 कर्मचारी; कृषि में 4,776; पशु एवं भेड़पालन में 2,170; आवास एवं शहरी विकास में 1,702 कर्मचारी और अन्य विभागों में भी कार्यरत हैं।
कश्मीर मंडल में पंजीकृत 57,390 श्रमिकों में से श्रीनगर में सबसे अधिक 11,825 श्रमिक हैं, उसके बाद अनंतनाग में 8,823, बारामूला में 7,724, बडगाम में 5,772, कुपवारा में 5,547, गांदरबल में 4,056, कुलगाम में 3,321 और बांदीपोरा में 2,771 श्रमिक हैं।