मुंबई, 9 फरवरी || एक नई रिपोर्ट के अनुसार, पहली बार घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने बेंचमार्क निफ्टी50 सूचकांक में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की हिस्सेदारी को पीछे छोड़ दिया है।
मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज के आंकड़ों से पता चला है कि दिसंबर 2025 की तिमाही तक, घरेलू संस्थानों की निफ्टी50 में लगभग 24.8 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जो विदेशी निवेशकों की लगभग 24.3 प्रतिशत हिस्सेदारी से मामूली रूप से अधिक है।
विश्लेषकों का कहना है कि एफआईआई की हिस्सेदारी विदेशी हिस्सेदारी के लिए आठ तिमाहियों का सबसे निचला स्तर है, और यह घरेलू पूंजी आधार के मजबूत होने का संकेत है। उन्होंने यह भी कहा कि यह बदलाव चक्रीय नहीं बल्कि संरचनात्मक है।
हालांकि घरेलू निवेशक पहले कुल इक्विटी हिस्सेदारी में विदेशियों से आगे निकल चुके थे, लेकिन नवीनतम तिमाही तक निफ्टी50 में उनकी हिस्सेदारी कम ही रही थी।
बाजार विश्लेषकों ने बताया कि 2025 में व्यवस्थित निवेश योजनाओं (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) में 3.34 लाख करोड़ रुपये की मजबूत वृद्धि, पेंशन फंड की बढ़ती भागीदारी और नई परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों के प्रवेश से इस उछाल को बढ़ावा मिला है।