नई दिल्ली, 31 जनवरी || सरकार 1 फरवरी से सिगरेट, तंबाकू उत्पादों और पान मसाला के लिए एक नई कर प्रणाली ला रही है, जिसका उद्देश्य इन तथाकथित 'हानिकारक वस्तुओं' पर कड़े नियम लागू करना और कर की दर को उच्च बनाए रखना है।
सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर अब अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाया जाएगा, साथ ही पान मसाला पर एक नया स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर भी लगाया जाएगा।
ये नए कर उस पुरानी प्रणाली का स्थान लेंगे जिसके तहत इन उत्पादों पर जुलाई 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से 28 प्रतिशत जीएसटी और क्षतिपूर्ति उपकर लगता था।
सरकार चबाने वाले तंबाकू, फिल्टर खैनी, जर्दा सुगंधित तंबाकू और गुटखा जैसे कई तंबाकू उत्पादों के लिए एमआरपी आधारित एक नई मूल्यांकन प्रणाली भी शुरू कर रही है।
इस प्रणाली के तहत, जीएसटी की गणना कारखाने के मूल्य के बजाय पैकेट पर छपे खुदरा मूल्य के आधार पर की जाएगी।