नई दिल्ली, 30 जनवरी || सरकार ने शुक्रवार को कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य अस्पतालों में निःशुल्क निदान और बहु-औषधीय उपचार से भारत कुष्ठ रोग मुक्त बना हुआ है।
भारत में राष्ट्रीय कुष्ठ रोग दिवस प्रतिवर्ष 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के साथ मनाया जाता है, ताकि इस रोग से प्रभावित लोगों के लिए उनके कार्यों को सम्मानित किया जा सके।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया, “राष्ट्रीय कुष्ठ रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनएलईपी) के तहत, भारत कुष्ठ रोग मुक्त भारत की दिशा में अपने प्रयास जारी रखे हुए है, जिसके तहत देशभर में सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क निदान, उपचार और देखभाल सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।”
इसमें आगे कहा गया, “आइए हम सब मिलकर कलंक को मिटाने और सभी के लिए सम्मान और देखभाल सुनिश्चित करने के लिए काम करें।”
कुष्ठ रोग, जिसे हेंसन रोग के नाम से भी जाना जाता है, एक दीर्घकालिक संक्रामक रोग है जो मुख्य रूप से माइकोबैक्टीरियम लेप्री नामक जीवाणु के कारण होता है। यह रोग त्वचा, परिधीय तंत्रिकाओं, ऊपरी श्वसन पथ की श्लेष्मा और आंखों को प्रभावित करता है।