मुंबई, 31 जनवरी || भारत के सबसे बड़े सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने शनिवार को चक्र नामक एक उत्कृष्टता केंद्र की शुरुआत की घोषणा की। यह केंद्र भारत के आर्थिक परिवर्तन के लिए महत्वपूर्ण उभरते क्षेत्रों को वित्तपोषण प्रदान करेगा।
यह केंद्र अगली पीढ़ी के, प्रौद्योगिकी-आधारित और स्थिरता-केंद्रित क्षेत्रों के लिए वित्तपोषण को सक्षम बनाने हेतु एक ज्ञान-आधारित मंच के रूप में कार्य करेगा।
एक वक्तव्य में कहा गया है कि यह केंद्र नवीकरणीय ऊर्जा, उन्नत सेल रसायन विज्ञान और बैटरी भंडारण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, हरित हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर, डीकार्बोनाइजेशन, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर सहित आठ उभरते क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा।
वक्तव्य में आगे कहा गया है कि 2030 तक इन उभरते क्षेत्रों में 100 लाख करोड़ रुपये से अधिक के पूंजी निवेश की आवश्यकता होगी।
बैंक पूंजी प्रवाह को जिम्मेदारी से निर्देशित करके, जोखिम मूल्यांकन को मजबूत करके और नवीन वित्तपोषण संरचनाओं को विकसित करके इन पूंजी-गहन क्षेत्रों को सक्षम बनाने पर ध्यान केंद्रित करता है।
एसबीआई के चेयरमैन चाल्ला श्रीनिवासुलु सेट्टी ने कहा, “आगामी दशकों में भारत की वृद्धि नवाचार, स्थिरता और उन्नत विनिर्माण पर आधारित होगी। चक्र योजना के साथ, एसबीआई उभरते क्षेत्रों को समझने, विशेष वित्तपोषण समाधान तैयार करने और पारिस्थितिकी तंत्र के साथ साझेदारी करने की अपनी संस्थागत क्षमता को मजबूत कर रहा है।”