कोलकाता, 3 जनवरी || पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग ने राज्य एंटीबायोटिक एक्शन प्लान के ड्राफ़्ट को फ़ाइनल करने के लिए 9 जनवरी को एक ज़रूरी मीटिंग बुलाई है। इस प्लान का मकसद पूरे राज्य में एंटीबायोटिक्स के अंधाधुंध इस्तेमाल को रोकना और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस से निपटना है।
राज्य सचिवालय के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि मीटिंग में अलग-अलग संबंधित विभागों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। स्वास्थ्य विभाग के अलावा, पशुपालन, मत्स्य पालन और पर्यावरण विभागों के अधिकारी भी चर्चा में शामिल होंगे ताकि एक व्यापक तरीका अपनाया जा सके। ज़्यादा मच्छर पैदा होने वाले इलाकों की पहचान की जाएगी, और इन इलाकों में गप्पी मछली पालन शुरू करने की कोशिश की जाएगी।
वन और पशुपालन जैसे विभाग भी खास उपायों को लागू करने में शामिल हो सकते हैं।
खास बात यह है कि राज्य पिछले एक साल से एंटीबायोटिक और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस को कंट्रोल करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है। ऐसे एंटीबायोटिक्स की पहचान की गई है जिनका बिना सोचे-समझे इस्तेमाल इंसानों के लिए खतरनाक होता जा रहा है। इसके अलावा, नई पॉलिसी में अस्पतालों और ICU में एंटीबायोटिक्स के इस्तेमाल को प्रभावी ढंग से रेगुलेट करने के लिए साफ़ गाइडलाइंस शामिल होंगी।