नई दिल्ली, 23 जनवरी || आयुष मंत्रालय ने कहा कि गणतंत्र दिवस परेड 2026 में आयुष की झांकी में पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को मजबूत करने और उन्हें राष्ट्रीय स्वास्थ्य ढांचे में शामिल करने में राष्ट्रीय आयुष मिशन (NAM) की भूमिका को उजागर किए जाने की उम्मीद है।
"आयुष का तंत्र, स्वास्थ्य का मंत्र" थीम वाली यह झांकी स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता और सभ्यतागत ज्ञान के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में भारत की यात्रा का प्रतीक होगी।
आयुष मंत्रालय ने कहा, "यह स्वास्थ्य को राष्ट्रीय शक्ति के एक मूलभूत स्तंभ के रूप में रेखांकित करता है, जो आधुनिक स्वास्थ्य देखभाल आवश्यकताओं को पूरा करते हुए अपनी विरासत में निहित एक लचीले, समावेशी और आत्मनिर्भर समाज के पोषण के प्रति भारत की स्थायी प्रतिबद्धता का जश्न मनाता है।"
प्रस्तुति में पारंपरिक ज्ञान और प्रकृति का एक प्रतीकात्मक संगम शामिल होगा, जिसे आचार्य चरक, आचार्य पतंजलि और आचार्य अगस्त्य की त्रि-मूर्तिकला प्रस्तुति के माध्यम से दर्शाया जाएगा, जो औषधीय पौधों के हरे-भरे टीले के चारों ओर बैठे होंगे।
शक्तिशाली इमेजरी का उद्देश्य मानव जीवन और प्राकृतिक दुनिया के बीच सामंजस्य से उभरने वाले आयुष के मूलभूत दर्शन को दर्शाना है।