धर्मशाला, 14 मार्च || हिमाचल प्रदेश को 'देव भूमि' और 'वीर भूमि' बताते हुए उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने शनिवार को कहा कि राज्य ने देश की सशस्त्र सेनाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
यहां हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के नौवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने राज्य की समृद्ध आतिथ्य सत्कार, जीवंत संस्कृति और चिरस्थायी परंपराओं की प्रशंसा की।
भारत की समृद्ध शैक्षणिक विरासत का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय और तक्षशिला जैसे महान प्राचीन शिक्षा केंद्र अपने शिक्षकों के ज्ञान, विद्वता और निरंतर बौद्धिक विकास के कारण फले-फूले।
"इन संस्थानों के गुरु और आचार्य जीवन भर सीखने वाले थे, जिन्होंने वाद-विवाद, संवाद और शोध के माध्यम से अपने ज्ञान को निखारा और ऐसा वातावरण बनाया जहां विचारों का विकास हुआ और सभ्यताएं आगे बढ़ीं।"