नई दिल्ली, 14 मार्च || सरकार ने बड़ी कंपनियों के लिए न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता संबंधी नियमों में संशोधन करते हुए एक स्तरीय संरचना लागू की है, जिसके तहत बड़ी कंपनियां आईपीओ के दौरान जनता को शेयरों का एक छोटा हिस्सा पेश कर सकती हैं और चरणबद्ध तरीके से इसे 25 प्रतिशत तक बढ़ा सकती हैं।
यह संशोधन न्यूनतम सार्वजनिक पेशकश को आईपीओ मूल्य पर कंपनी की निर्गम-पूर्व पूंजी से जोड़ता है। जिन कंपनियों की निर्गम-पूर्व पूंजी 1,600 करोड़ रुपये से अधिक लेकिन 4,000 करोड़ रुपये तक है, उन्हें जनता को कम से कम 400 करोड़ रुपये के शेयर पेश करने होंगे।