नई दिल्ली, 14 मार्च || शनिवार को जारी एक आधिकारिक फैक्टशीट के अनुसार, भारतीय सेवाओं की वैश्विक मांग में निरंतरता के चलते वित्त वर्ष 2025-26 में भारत के सेवा निर्यात ने अपनी मजबूत गति बनाए रखी है। अप्रैल-जनवरी 2025-26 की अवधि में सेवा निर्यात का अनुमान 348.4 अरब डॉलर है।
वित्त वर्ष 2023-2025 के दौरान जीडीपी में भारत के सेवा निर्यात का औसत योगदान 9.7 प्रतिशत रहा, जो महामारी से पहले की अवधि के 7.4 प्रतिशत से उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है और आर्थिक विकास को समर्थन देने में सेवा क्षेत्र की बढ़ती भूमिका को उजागर करता है।
फैक्टशीट में बताया गया है, "वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में यह स्थिर योगदान और मजबूत हुआ, जीडीपी में सेवा निर्यात का हिस्सा बढ़कर 10 प्रतिशत हो गया, जो भारत के सेवा-आधारित विकास पथ के निरंतर विस्तार और लचीलेपन को दर्शाता है।"
सेवा क्षेत्र रोजगार सृजन का एक प्रमुख स्रोत बनकर उभरा है।