मुंबई, 14 मार्च || पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच लगातार बिकवाली के दबाव के चलते भारतीय शेयर बाजार में साप्ताहिक आधार पर लगभग 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी में सप्ताह के दौरान 5.31 प्रतिशत की गिरावट आई और अंतिम कारोबारी दिन 2.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ यह 23,151 पर बंद हुआ। बाजार बंद होने पर सेंसेक्स 1,470 अंक या 1.93 प्रतिशत गिरकर 74,563 पर बंद हुआ। सप्ताह के दौरान इसमें 5.52 प्रतिशत की बढ़त हुई थी।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और भारत जैसी ऊर्जा आयात करने वाली अर्थव्यवस्थाओं के लिए बढ़ती व्यापक आर्थिक चिंताओं के कारण यह तेज गिरावट आई है।
निफ्टी ऑटो सूचकांक में लगभग 10-11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो मार्च 2020 के बाद से इसका सबसे खराब साप्ताहिक प्रदर्शन है। सूचकांक में शामिल प्रत्येक शेयर में भारी बिकवाली देखी गई।
एलएनजी और एलपीजी की कमी से उत्पादन में व्यवधान का खतरा बढ़ जाता है, वहीं सीएनजी की उपलब्धता में संभावित बाधाओं से उपभोक्ता मांग के पैटर्न में बदलाव आ सकता है, खासकर शहरी बाजारों में जहां सीएनजी वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है।