नई दिल्ली, 11 फरवरी || उद्योग जगत के नेताओं के अनुसार, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते ने घरेलू प्लास्टिक निर्यातकों के लिए एक बड़ा व्यावसायिक अवसर पैदा किया है, जिससे देश को अमेरिकी प्लास्टिक बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी।
आरएमजी पॉलीमर्स इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक (एमडी) अरविंद गोयनका ने कहा, "भारत-अमेरिका व्यापार समझौता घरेलू प्लास्टिक निर्यातकों के लिए एक विशाल अमेरिकी बाजार खोलेगा।"
उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका सालाना लगभग 75 अरब डॉलर का प्लास्टिक आयात करता है। वर्तमान में, भारत का अमेरिका को प्लास्टिक निर्यात लगभग 2.2 अरब डॉलर है।
उन्होंने कहा, "इसलिए, यह समझौता भारतीय कंपनियों के लिए निर्यात बढ़ाने का सुनहरा अवसर है। अगले कुछ वर्षों में अमेरिका को हमारा प्लास्टिक निर्यात दोगुना हो सकता है।"
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका पीवीसी (पॉलीविनाइल क्लोराइड) का भी एक प्रमुख खरीदार है। यदि अमेरिका भारत से बड़ी मात्रा में प्लास्टिक और पीवीसी उत्पाद खरीदता है, तो इन वस्तुओं का निर्यात अन्य देशों में भी होगा। गोयनका ने कहा कि इससे भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में एक नई पहचान मिलेगी।
उनके अनुसार, यह समझौता न केवल प्लास्टिक उद्योग के लिए लाभकारी साबित होगा, बल्कि भारत को एक मजबूत और विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित करने में भी मदद करेगा।