नई दिल्ली, 2 फरवरी || उद्योग जगत के नेताओं ने सोमवार को कहा कि एआई मिशन, राष्ट्रीय क्वांटम मिशन, अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान कोष और अनुसंधान एवं नवाचार कोष के माध्यम से नई प्रौद्योगिकियों को सरकार का समर्थन भारत के उन उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन साबित होगा जो भारत के भावी उद्यमियों को पोषित कर रहे हैं।
केंद्रीय बजट 2026 प्रौद्योगिकी के प्रति भारत के दृष्टिकोण में एक निर्णायक बदलाव का संकेत देता है, जो अपनाने से लेकर रणनीतिक क्षमता निर्माण तक फैला हुआ है।
एआईओएनओएस के सह-संस्थापक और उपाध्यक्ष सीपी गुरनानी ने कहा, “एआई, सेमीकंडक्टर, क्लाउड और डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जोर इस बात की स्पष्ट समझ को दर्शाता है कि डिजिटल अर्थव्यवस्था में नेतृत्व मजबूत नींव से शुरू होकर जमीनी स्तर पर निर्मित होता है। भारत एआई मिशन को मजबूत करने से विभिन्न क्षेत्रों में एआई अनुसंधान, तैनाती और नैतिक शासन को गति देने के लिए एक समन्वित ढांचा मिलता है।”
महत्वपूर्ण बात यह है कि यह केवल एक संकीर्ण तकनीकी एजेंडा नहीं है। उन्होंने बताया कि एआई निवेश को कौशल विकास, कार्यबल की तैयारी और एमएसएमई सशक्तिकरण के साथ जोड़कर, बजट यह स्वीकार करता है कि विस्तार, समावेशन और प्रतिस्पर्धात्मकता को एक साथ आगे बढ़ना चाहिए।