नई दिल्ली, 17 जनवरी || ऑस्ट्रेलियाई रिसर्चर्स की एक टीम ने लैब स्टडी में दो दवाइयों को मिलाकर बच्चों के ब्रेन कैंसर के इलाज का एक नया तरीका टेस्ट किया है।
साइंस ट्रांसलेशनल मेडिसिन जर्नल में पब्लिश हुई स्टडी में पाया गया कि दोनों ट्रीटमेंट को एक साथ इस्तेमाल करना, किसी एक को अकेले इस्तेमाल करने से बेहतर काम कर सकता है।
चिल्ड्रन्स कैंसर इंस्टीट्यूट और यूनिवर्सिटी ऑफ़ न्यू साउथ वेल्स की टीम ने लैब में मुश्किल से इलाज होने वाले ब्रेन ट्यूमर के एक ग्रुप: डिफ्यूज़ मिडलाइन ग्लियोमास (DMG) पर एक कंबाइंड थेरेपी अप्रोच का टेस्ट किया।
इस ग्रुप में डिफ्यूज़ इंट्रिंसिक पोंटाइन ग्लियोमा (DIPG) शामिल है - जो बच्चों में होने वाला एक दुर्लभ लेकिन जानलेवा ब्रेन कैंसर है और DMG का एक टाइप है। जिन बच्चों में DIPG का पता चलता है, वे आमतौर पर लगभग 12 महीने तक जीवित रहते हैं।
UNSW की कॉन्जॉइंट एसोसिएट प्रोफेसर मारिया त्सोली ने कहा, "हम मानते हैं कि कोई भी एक दवा सबसे खतरनाक ब्रेन कैंसर को अकेले खत्म नहीं कर सकती।"
उन्होंने कहा कि इसी वजह से रिसर्चर्स ने यह देखने की कोशिश की कि क्या ट्रीटमेंट को मिलाने से बेहतर नतीजे मिल सकते हैं।