चंडीगढ़, 7 फरवरी
डीएवी कॉलेज, सेक्टर 10, चंडीगढ़ के जूलॉजी विभाग द्वारा 6 फरवरी 2026 को “वन्यजीव फॉरेंसिक्स : संरक्षण का एक सशक्त साधन एवं उभरते करियर अवसर” विषय पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया गया। यह व्याख्यान कॉलेज के पूर्व छात्र (बी.एससी. 2010 बैच) डॉ. सिद्धार्थ शर्मा (MCSFS, Wildlifer) द्वारा दिया गया।
डॉ. शर्मा वर्तमान में पंजाब सरकार के पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग (DECC) में मिशन फसिलिटेटर के पद पर कार्यरत हैं। अपने व्याख्यान में उन्होंने वन्यजीव संरक्षण, कानून प्रवर्तन तथा शैक्षणिक उन्नति के लिए वन्यजीव फॉरेंसिक विज्ञान को सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने अवैध वन्यजीव व्यापार, पशु तस्करी और शिकार की बढ़ती घटनाओं के संदर्भ में वन्यजीव फॉरेंसिक्स की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ. शर्मा ने प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों, कार्यशालाओं तथा क्षेत्रीय प्रशिक्षण के माध्यम से क्षमता निर्माण पर विशेष जोर दिया।
इस व्याख्यान में एम.एससी. एवं बी.एससी. के लगभग 60 विद्यार्थियों तथा जूलॉजी विभाग के अध्यापकों ने भाग लिया और वन्यजीव फॉरेंसिक विज्ञान के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। व्याख्यान ने स्पष्ट किया कि वन्यजीव फॉरेंसिक्स संदेह से दोष सिद्धि तक की प्रक्रिया को सशक्त बनाता है। आधुनिक आणविक तकनीकों और विधिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए जैव विविधता की रक्षा तथा अवैध व्यापार पर रोक लगाई जा सकती है, जो पारिस्थितिक संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक है।