Saturday, February 07, 2026 English ਪੰਜਾਬੀ
ताजा खबर
एईपीसी ने भारत-अमेरिका व्यापार ढांचे का स्वागत किया, वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र को लाभ होगाकोलकाता में ठंड लौट आई है, न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस तक गिरागुजरात के वडोदरा में लग्जरी कार डिवाइडर पर चढ़ी, ट्रैफिक सिग्नल से टकराईहुमा कुरैशी ने अपनी 'सदाबहार आदर्श' रेखा के साथ 'प्यार से भरी शाम' बिताईरेलिंग तोड़कर इटारसी में नहर में गिरी कार से तीन युवकों की मौतभारत-अमेरिका व्यापार समझौते और आरबीआई एमपीसी के फैसलों के चलते भारतीय बाजारों में इस सप्ताह उछाल आया।कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध रैकेट का भंडाफोड़, आठ गिरफ्तारडीएवी कॉलेज, सेक्टर 10, चंडीगढ़ के जूलॉजी विभाग में ‘वाइल्डलाइफ फॉरेंसिक्स’ पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजितकोई बैरिकेड नहीं, कोई चेतावनी बत्तियाँ नहीं; हर तरफ अंधेरा: जनकपुरी के गड्ढे में बाइक सवार की मौत के बाद सुरक्षा में हुई चूक से चिंता बढ़ीकूपैंग के अंतरिम सीईओ से झूठी गवाही के आरोपों पर 14 घंटे की पूछताछ

स्थानीय

डीएवी कॉलेज, सेक्टर 10, चंडीगढ़ के जूलॉजी विभाग में ‘वाइल्डलाइफ फॉरेंसिक्स’ पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित

चंडीगढ़, 7 फरवरी

डीएवी कॉलेज, सेक्टर 10, चंडीगढ़ के जूलॉजी विभाग द्वारा 6 फरवरी 2026 को “वन्यजीव फॉरेंसिक्स : संरक्षण का एक सशक्त साधन एवं उभरते करियर अवसर” विषय पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया गया। यह व्याख्यान कॉलेज के पूर्व छात्र (बी.एससी. 2010 बैच) डॉ. सिद्धार्थ शर्मा (MCSFS, Wildlifer) द्वारा दिया गया।

डॉ. शर्मा वर्तमान में पंजाब सरकार के पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग (DECC) में मिशन फसिलिटेटर के पद पर कार्यरत हैं। अपने व्याख्यान में उन्होंने वन्यजीव संरक्षण, कानून प्रवर्तन तथा शैक्षणिक उन्नति के लिए वन्यजीव फॉरेंसिक विज्ञान को सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने अवैध वन्यजीव व्यापार, पशु तस्करी और शिकार की बढ़ती घटनाओं के संदर्भ में वन्यजीव फॉरेंसिक्स की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ. शर्मा ने प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों, कार्यशालाओं तथा क्षेत्रीय प्रशिक्षण के माध्यम से क्षमता निर्माण पर विशेष जोर दिया।

इस व्याख्यान में एम.एससी. एवं बी.एससी. के लगभग 60 विद्यार्थियों तथा जूलॉजी विभाग के अध्यापकों ने भाग लिया और वन्यजीव फॉरेंसिक विज्ञान के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। व्याख्यान ने स्पष्ट किया कि वन्यजीव फॉरेंसिक्स संदेह से दोष सिद्धि तक की प्रक्रिया को सशक्त बनाता है। आधुनिक आणविक तकनीकों और विधिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए जैव विविधता की रक्षा तथा अवैध व्यापार पर रोक लगाई जा सकती है, जो पारिस्थितिक संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक है।

Have something to say? Post your comment

ट्रेंडिंग टैग

अधिक स्थानीय समाचार

कोलकाता में ठंड लौट आई है, न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस तक गिरा

गुजरात के वडोदरा में लग्जरी कार डिवाइडर पर चढ़ी, ट्रैफिक सिग्नल से टकराई

रेलिंग तोड़कर इटारसी में नहर में गिरी कार से तीन युवकों की मौत

कोई बैरिकेड नहीं, कोई चेतावनी बत्तियाँ नहीं; हर तरफ अंधेरा: जनकपुरी के गड्ढे में बाइक सवार की मौत के बाद सुरक्षा में हुई चूक से चिंता बढ़ी

मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार ट्रक ने यात्रियों को कुचला, छह लोगों की मौत

दिल्ली-एनसीआर में गर्मी बढ़ी; वायु गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में बनी रही

पीएनबी प्रबंधक 6.5 करोड़ रुपये के स्वर्ण ऋण घोटाले में गिरफ्तार

केरल की स्कूली छात्रा की आत्महत्या और कोरियाई संबंध पुलिस के लिए रहस्य बने हुए हैं

मेघालय कोयला खदान त्रासदी: उच्च न्यायालय ने खदान मालिकों की गिरफ्तारी का आदेश दिया

नीति आयोग के राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक (एमपीआई) आंकड़ों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में गरीबी में गिरावट दर्ज की गई है।