चंडीगढ़, 20 जनवरी
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाब पुलिस ने औपचारिक रूप से 'गैंगस्टरां ते वार' मुहिम की शुरुआत कर दी है, जो सूबे में संगठित अपराध के खिलाफ एक निर्णायक और बड़े पैमाने पर जंग का आगाज है।
मंगलवार को पार्टी दफ्तर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पन्नू ने कहा कि यह मुहिम पंजाब से गैंगस्टरवाद को जड़ से उखाड़ने के लिए मान सरकार की मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति को दर्शाती है।
पन्नू ने कहा कि 'युद्ध नशयां विरुद्ध' अभियान की सफलता के बाद अब पंजाब पुलिस ने अपना ध्यान संगठित अपराध की ओर मोड़ा है। उन्होंने बताया कि नशा विरोधी मुहिम के तहत कई बड़े-छोटे तस्करों को गिरफ्तार किया गया, भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए गए और सप्लाई चेन तथा स्ट्रीट लेवल नेटवर्क को काफी हद तक तोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती सूबा होने के कारण पंजाब को सीमा पार से नशे धकेलने की लगातार कोशिशों का सामना करना पड़ता है, जिसका सरकार ने एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाकर करारा जवाब दिया है।
उन्होंने कहा कि 'गैंगस्टरों पर वार' मुहिम गहरी योजनाबंदी और मूल्यांकन के बाद युद्धस्तर पर शुरू की गई है और यह देश में गैंगस्टरवाद के खिलाफ सबसे बड़ी और गंभीर कार्रवाइयों में से एक है। मंगलवार सुबह से ही पुलिस टीमों द्वारा सूबे भर में कई छापेमारी की गई, जिसके शुरुआती नतीजे सामने आए हैं और अगले 72 घंटों में और अहम नतीजे आने की उम्मीद है।
बलतेज पन्नू ने कहा कि "गैंगस्टर" शब्द पंजाब की शब्दावली में सिर्फ 15-18 साल पहले ही आया था और इससे पहले छोटे अपराधियों को महज 'बदमाश' कहा जाता था। उन्होंने कहा कि 2007 से 2017 के दौरान जानबूझकर गैंगस्टरवाद को बढ़ावा दिया गया, नौजवानों को इस कल्चर में धकेला गया और उस दौरान हिंसा की घटनाएं चरम पर थीं। उन्होंने नाभा जेल ब्रेक और पुलिस कर्मियों पर हमलों जैसी घटनाओं का हवाला देते हुए उस दौर को पंजाब का काला दौर बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के समय गैंगस्टरवाद पर लगाम लगाने के लिए कोई असल कार्रवाई नहीं की गई। इसकी बजाय, उत्तर प्रदेश के एक गैंगस्टर को सियासी सरपरस्ती में पंजाब की जेल में रखा गया था, जिसकी कस्टडी वापस लेने के लिए यूपी सरकार को सुप्रीम कोर्ट तक जाना पड़ा। पन्नू ने कहा कि यह कोई छुपी हुई बात नहीं है कि कैसे परंपरागत सियासी पार्टियों ने निजी हितों के लिए गैंगस्टरों को पाला।
तरनतारन उपचुनाव का जिक्र करते हुए पन्नू ने कहा कि गैंगस्टर के परिवारिक सदस्य को टिकट देना गैंगस्टर कल्चर को बढ़ावा देने के अलावा कुछ नहीं था। उन्होंने कहा कि मान सरकार पंजाब को इस खतरे से मुक्त करने के लिए दृढ़ है।
मंगलवार की कार्रवाई का विवरण साझा करते हुए पन्नू ने बताया कि अमृतसर में गिरफ्तारी की कोशिश के दौरान पुलिस पर गोलीबारी करने वाले गैंगस्टर मनी प्रिंस को मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया और यह ऑपरेशन कई घंटे चला। इसी तरह मंडी गोबिंदगढ़ (फतेहगढ़ साहिब) में हुई एक और मुठभेड़ में पुलिस पर गोली चलाने वाले एक गैंगस्टर के पैर में गोली लगी है और उसका इलाज चल रहा है। उस पर लूट-खसूट और एनडीपीएस एक्ट के करीब 9 मामले दर्ज हैं।
पन्नू ने चेतावनी दी कि धमकियां देने वाले या फिरौती मांगने वाले गैंगस्टरों को उनकी ही भाषा में जवाब दिया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान के हवाले से उन्होंने कहा कि अगर कोई गैंगस्टर गोलियां चलाएगा, तो उसे गोलियों से ही जवाब दिया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब पुलिस विदेशों में बैठे गैंगस्टरों के संबंध में केंद्र सरकार के साथ तालमेल कर रही है और उनके प्रत्यर्पण के लिए पूरी तैयारी है। दोषियों के डोजियर तैयार करके साझा किए गए हैं। पंजाब पुलिस कानून के दायरे में रहकर अपराधियों का पीछा करेगी।
पन्नू ने पंजाबियों से पुलिस का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक विशेष हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 जारी किया गया है, जिसमें सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। गैंगस्टरों के खिलाफ सही जानकारी देने वालों को उचित इनाम दिया जाएगा।
बलतेज पन्नू ने कहा कि गैंगस्टरवाद और नशा पिछली सरकारों द्वारा बोए गए जहरीले पौधे हैं और मान सरकार पंजाब को इन कांटों से मुक्त करने के लिए वचनबद्ध है।