*फगवाड़ा, 12 जनवरी 2026*
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कपूरथला स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एल.पी.यू.) में राज्य के पहले स्टार्टअप पंजाब कॉन्क्लेव का उद्घाटन किया, जिसके तहत नवाचार, कड़ी मेहनत और उद्यमिता को सरकार के आर्थिक दृष्टिकोण में प्रमुख प्राथमिकता दी गई है। पंजाब सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा आयोजित यह स्टार्टअप पंजाब कॉन्क्लेव 2026 एक प्रमुख राज्य-स्तरीय मंच के रूप में उभरा है, जो नवाचार, उद्यमिता और राज्य के तेजी से विस्तार कर रहे स्टार्टअप इकोसिस्टम को दर्शाता है।
100 से अधिक स्टार्टअप्स की भागीदारी, उद्यमों को सीड ग्रांट्स का वितरण तथा उद्योगपतियों, निवेशकों, इनक्यूबेटरों, अकादमिक विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं को एक ही छत के नीचे लाकर भगवंत मान सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि नए कारोबारी विचारों को सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग मिलेगा। उन्होंने पंजाब के युवाओं को रोजगार पैदा करने वाला बनने के लिए प्रेरित किया और युवाओं की अगुवाई वाले विकास को सुनिश्चित करने के लिए उन्हें अपडेट रहने तथा उद्यम सृजन की नई सोच अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब का भविष्य नौकरियों की तलाश में नहीं, बल्कि उद्यमिता अपनाने में है।


स्टार्टअप कॉन्क्लेव के दौरान उद्यमियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का स्पष्ट उद्देश्य पंजाब के युवाओं को नौकरी ढूंढने वालों के बजाय नौकरी देने वाले बनाना है और उन्हें अपनी अलग पहचान बनाने के योग्य बनाना है। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि राज्य के युवा नौकरी ढूंढने वालों के बजाय नौकरी देने वाले बनें, ताकि वे अपनी अलग पहचान बना सकें।” उन्होंने कहा कि पंजाबी स्वभाव से ही इंजीनियर और जन्मजात उद्यमी होते हैं, इसलिए वे जिस भी राह को चुनते हैं, उसमें सफलता हासिल करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार पंजाबियों के सपनों को साकार करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस दिशा में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने अपडेट रहने और उद्यम सृजन का नारा देते हुए कहा, “फंड्स की कोई कमी नहीं है और सरकार कारोबारी नेताओं द्वारा प्रस्तुत किए गए हर विचार पर पूरी मदद करेगी।”
अपनी हालिया जापान यात्रा के अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पष्ट दृष्टिकोण से ही देश प्रगति करते हैं। उन्होंने कहा, “जापान में परिवहन के हर साधन को सिंगल विंडो के माध्यम से सुलभ बनाया गया है। जापान के पास भविष्य को देखने का दृष्टिकोण है।” उन्होंने राइजिंग स्टार और राइजिंग सन जैसी कंपनियों को सकारात्मक मानसिकता के उदाहरण के रूप में बताया, जिनके कारण उनकी औसत आयु 100 वर्षों से अधिक है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब के युवाओं से ऐसी ही अग्रगामी सोच अपनाने की अपील की और इसे सफलता की कुंजी बताया।
जापान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जापानी नागरिक अपने सपनों को पूरा करने के लिए ओवरटाइम काम करते हैं, जिससे उनकी आयु भी लंबी होती है। उन्होंने कहा, “पंजाबियों को वैश्विक स्तर पर उत्कृष्टता प्राप्त करने और अपनी क्षमता को बेहतर ढंग से सिद्ध करने के लिए इन गुणों को अपनाना चाहिए। पंजाब सरकार आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए निरंतर और ठोस प्रयास कर रही है और यह सरकार का नैतिक दायित्व है।”
इस सम्मेलन पर विश्वास व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पंजाब के नवाचारी और तेजी से विकसित हो रहे स्टार्टअप इकोसिस्टम को वैश्विक स्तर पर उजागर करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के दौरान उद्यमियों, निवेशकों, अकादमिक विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं को प्रोत्साहित करने के लिए एक ही मंच पर लाया गया है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य पंजाब के युवाओं की उपलब्धियों को उजागर करना और दूसरों को प्रेरित करना है तथा यह गर्व और संतोष की बात है कि राज्य भर से 100 से अधिक स्टार्टअप्स इस सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस आयोजन के दौरान पंजाब में स्थित 15 से अधिक इनक्यूबेटर्स और पांच से अधिक सहायक संस्थाओं ने अपनी पहलों को प्रदर्शित किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार आठ स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन चेक प्रदान कर रही है, जिनमें सात स्टार्टअप्स को सीड ग्रांट के रूप में 3-3 लाख रुपये और प्रत्येक स्टार्टअप को लीज रेंटल सहायता के रूप में 1.20 लाख रुपये दिए गए हैं। उन्होंने आगे बताया कि स्टार्टअप केवल कारोबार नहीं होते, बल्कि ये रोजगार के नए अवसर सृजित करने और राज्य के आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पिछली सरकारों की कड़ी आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले लोग नए उद्यम शुरू करने से डरते थे, क्योंकि नेता उनके उद्यमों से हिस्सा मांगते थे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन नेताओं ने जनता को लूटा और उनके हाथ पंजाब और पंजाबियों के खून से रंगे हुए हैं, जबकि इसके विपरीत अब आम लोगों की सरकार हर नागरिक को जीवन में सफल होने का उचित अवसर दे रही है।
पंजाब सरकार के दीर्घकालिक विजन को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार का सपना है कि पंजाब के युवा नौकरी ढूंढने वालों के बजाय रोजगार सृजनकर्ता बनें। उन्होंने कहा कि कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में जमीनी स्तर की चुनौतियों का समाधान करने वाले स्टार्टअप्स को सक्रिय रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि औद्योगिक एवं कारोबारी विकास नीति 2022 को उद्यमियों को पारदर्शी और मजबूत ढांचा प्रदान करने के लिए लागू किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप पंजाब राज्य में नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए अथक प्रयास कर रही है, जिसमें महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स और नए उद्यमों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब का मजबूत औद्योगिक आधार और उत्कृष्ट बुनियादी ढांचा स्टार्टअप विकास के लिए अनुकूल है और राज्य की प्रगति की नींव अब नवाचार और उद्यमिता के मार्ग पर आगे बढ़ेगी। उन्होंने निवेशकों और उद्योगपतियों से पंजाब के युवाओं की प्रतिभा पर विश्वास करने और राज्य की अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने के लिए साझेदार बनने का आह्वान किया।
राज्य सरकार की बिज़नेस ब्लास्टर्स मुहिम के तहत युवाओं को एकजुट होने और नवोन्मेषी विचारों की खोज करने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के विद्यार्थी अनूठे विचारों से भरपूर हैं, लेकिन अक्सर उन्हें मान्यता और प्रोत्साहन की कमी रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हम उदाहरणों से भरी उस दुनिया में रहते हैं, जहां सफलता केवल प्रस्तुति पर नहीं, बल्कि कड़ी मेहनत पर निर्भर करती है। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सपने वे नहीं होते जो नींद में देखे जाते हैं, बल्कि असली सपने वे होते हैं जो सोने नहीं देते।
युवाओं को अल्पकालिक प्रसिद्धि से दूर रहने के लिए प्रेरित करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें समाज के लिए प्रकाश स्तंभ बनने का आह्वान किया। टूथपेस्ट कंपनी की बिक्री बढ़ाने के उदाहरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एक साधारण और व्यावहारिक विचार ने एक कंपनी की किस्मत बदल दी। भगवंत सिंह मान ने गर्व से कहा कि मास्टरकार्ड के सीईओ की तरह स्विगी और जोमैटो के संस्थापक भी पंजाबी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सपनों को उड़ान देने के लिए एक रनवे के रूप में काम कर रही है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा, लोकसभा सदस्य डॉ. राज कुमार चब्बेवाल, राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
नवीनतम विकास के लिए राज्य के सहयोग को उजागर करता स्टार्टअप पंजाब कॉन्क्लेव 2026
पंजाब सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने कपूरथला स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में स्टार्टअप पंजाब कॉन्क्लेव 2026 का सफल आयोजन किया, जिसे नवाचार, उद्यमिता और पंजाब के तेजी से विकसित हो रहे स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक प्रमुख राज्य-स्तरीय मंच के रूप में घोषित किया गया। इस सम्मेलन के दौरान स्टार्टअप्स, इनक्यूबेटर्स, निवेशक, औद्योगिक दिग्गज, अकादमिक विशेषज्ञ और नीति निर्माता एक ही मंच पर एकत्र हुए, जिन्होंने उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और पंजाब को नवीन उद्यमों के लिए एक प्राथमिक गंतव्य के रूप में चुनने हेतु राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया।
इस सम्मेलन में 75 से 80 स्टार्टअप्स, इनक्यूबेटर्स, इंडस्ट्री एसोसिएशन्स और इकोसिस्टम पार्टनर्स ने भाग लिया, जिन्होंने अपने उत्पादों, सेवाओं और नवाचारों का प्रदर्शन किया, जो पंजाब में स्टार्टअप्स की क्षमता को दर्शाते हैं। इस आयोजन में स्टार्टअप पंजाब इकोसिस्टम और सरकारी पहलों, सीड-फंडेड स्टार्टअप्स को चेक वितरण तथा इन्वेस्ट पंजाब समिट से जुड़े स्टार्टअप-संबंधी सहयोगियों को भी उजागर किया गया।
सम्मेलन के दौरान इनक्यूबेटर सहायता प्रणालियों को मजबूत करने, स्केलेबल स्टार्टअप्स के निर्माण पर संस्थापकों की समझ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डीप टेक और साइबर सुरक्षा जैसे उभरते तकनीकी क्षेत्रों पर थीम आधारित पैनल चर्चाओं का आयोजन भी किया गया। यह आयोजन इनक्यूबेटर्स, सहयोगियों और नोडल एजेंसियों को सम्मानित करने के साथ संपन्न हुआ, जिसमें नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से समावेशी एवं सतत आर्थिक विकास के पंजाब के व्यापक दृष्टिकोण को प्रस्तुत किया गया।