श्रीनगर, 15 दिसंबर || जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को इस बात पर ज़ोर दिया कि संस्थानों में राजनीतिक दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
उन्होंने यहां शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (SKICC) में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि संस्थानों में राजनीतिक दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए और इसे गंभीरता से निपटा जाना चाहिए। उन्होंने यह बात एक पावर प्रोजेक्ट के कामकाज और स्टाफ की भर्ती में कथित तौर पर एक बीजेपी विधायक की दखलअंदाजी की खबरों के जवाब में कही।
उमर अब्दुल्ला ने आरोप लगाया, "कॉरपोरेशनों और विभागों के कामकाज में राजनीतिक दखल दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। राजनीतिक दखल नहीं होना चाहिए। ऐसे मामलों को गंभीरता से देखा जाना चाहिए। पहले, ये संस्थान चुनी हुई सरकार के प्रति जवाबदेह थे, लेकिन अब उस सिस्टम के बिना ही फैसले लिए जा रहे हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि पावर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन और अन्य विभागों जैसे संस्थानों को आज़ादी से और बिना किसी बाहरी दबाव या राजनीतिक मकसद के काम करना चाहिए।
SKICC में, मुख्यमंत्री ने मिशन युवा, HADP और JKCIP सहित विभिन्न प्रमुख योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया।