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रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय कंपनियों को 2026 में 9.1 प्रतिशत वेतन वृद्धि का अनुमान है।

नई दिल्ली, 23 फरवरी || सोमवार को जारी एक नई रिपोर्ट के अनुसार, कॉर्पोरेट जगत में 2026 में औसतन 9.1 प्रतिशत वेतन वृद्धि होने की उम्मीद है, जिसमें ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) वेतन वृद्धि में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।

ईवाई इंडिया की नवीनतम 'फ्यूचर ऑफ पे' रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल और तकनीकी क्षमताओं की मजबूत वैश्विक मांग के चलते जीसीसी द्वारा 10.4 प्रतिशत की उच्चतम वेतन वृद्धि की पेशकश किए जाने की उम्मीद है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्तीय सेवा क्षेत्र में लगभग 10 प्रतिशत वेतन वृद्धि होने की संभावना है, इसके बाद ई-कॉमर्स में 9.9 प्रतिशत और जीवन विज्ञान और फार्मास्यूटिकल्स में 9.7 प्रतिशत की वृद्धि होगी।

रिपोर्ट में कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने की दर में धीरे-धीरे कमी आने पर भी प्रकाश डाला गया है। कुल मिलाकर नौकरी छोड़ने की दर 2024 के 17.5 प्रतिशत से घटकर 2025 में 16.4 प्रतिशत हो गई है, जो अधिक स्थिर नौकरी बाजार का संकेत है।

हालांकि, 80 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी स्वेच्छा से नौकरी छोड़ते हैं, जिससे पता चलता है कि कर्मचारी छंटनी के बजाय बेहतर अवसरों के लिए नौकरी बदल रहे हैं।

वित्तीय सेवाओं में सबसे अधिक 24 प्रतिशत कर्मचारी नौकरी छोड़ते हुए पाए गए, जबकि पेशेवर सेवाओं और हाई-टेक एवं आईटी क्षेत्रों में भी उच्च स्तर देखा गया।

रिपोर्ट के अनुसार, तुलनात्मक रूप से, जीसीसी देशों में कर्मचारी नौकरी छोड़ते हुए अपेक्षाकृत कम 14.1 प्रतिशत पाए गए।

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