नई दिल्ली, 16 फरवरी || सोमवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, स्थिर आर्थिक परिदृश्य और हाल ही में रेपो दरों में कटौती के चलते भारत का समग्र आवासीय बाजार अपनी अंतर्निहित मजबूती बनाए हुए है।
प्रीमियम सेगमेंट (1 करोड़ रुपये और उससे अधिक कीमत वाले घर) अब देश में कुल वार्षिक बिक्री का 50 प्रतिशत हिस्सा हैं।
नाइट फ्रैंक इंडिया की पिछले वर्ष की दूसरी छमाही (H2 2025) की रिपोर्ट के अनुसार, जहां समग्र बाजार 2025 में 3,48,207 इकाइयों की बिक्री के साथ मजबूत बना रहा और 1 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाली इकाइयों की बिक्री में वार्षिक आधार पर 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई, वहीं किफायती आवास सेगमेंट - 50 लाख रुपये से कम कीमत वाले घरों - में वार्षिक आधार पर 17 प्रतिशत की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि मंदी मुख्य रूप से कम कीमत वाले सेगमेंट तक ही सीमित है। परिणामस्वरूप, 1 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाले घरों का ही बोलबाला है, जिससे पूरे भारत में किफायती आवासों की बिक्री का दायरा अपेक्षाकृत काफी कम हो गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह प्रवृत्ति दिल्ली-एनसीआर जैसे शहरों में विशेष रूप से स्पष्ट थी।