चेन्नई, 4 फरवरी || तमिलनाडु ने सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिहाज से एक महत्वपूर्ण सीमा पार कर ली है, जहां पहली बार एक ही वर्ष में एक लाख से अधिक नए कैंसर के मामले दर्ज किए गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा संसद में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, 2025 के नवीनतम आंकड़ों में राज्य में 1,00,097 नए मामले दर्ज किए गए हैं, जो मामलों की संख्या में तीव्र और निरंतर वृद्धि को रेखांकित करते हैं और स्वास्थ्य अधिकारियों के बीच रोकथाम, शीघ्र निदान और उपचार क्षमता को लेकर चिंताएं बढ़ा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत स्क्रीनिंग कार्यक्रमों और जीवनशैली में सुधार के उपायों के बिना, आने वाले वर्षों में यह संख्या और भी बढ़ सकती है।
पिछले पांच वर्षों से यह वृद्धि लगातार बनी हुई है। वार्षिक पंजीकरण 2020 में 68,750 मामलों से बढ़कर 2021 में 76,968 और 2022 में 89,265 हो गए। 2023 में 92,816 और 2024 में 96,486 मामले दर्ज किए गए, जिसके बाद इस वर्ष यह आंकड़ा एक लाख के पार पहुंच गया।
लगातार हो रही यह वृद्धि बीमारी के बढ़ते बोझ और जिलों में समन्वित जन स्वास्थ्य उपायों की तत्काल आवश्यकता को उजागर करती है।