बेंगलुरु, 21 जनवरी || केंद्रीय बजट 2026-27 आने में दो हफ़्ते से भी कम समय बचा है, ऐसे में अलग-अलग सेक्टर के एक्सपर्ट्स अपनी उम्मीदें बता रहे हैं, और बड़े पैमाने पर रोज़गार के मौके पैदा करते हुए आर्थिक विकास को बनाए रखने की ज़रूरत पर ज़ोर दे रहे हैं।
कर्नाटक डिजिटल इकॉनमी मिशन के CEO संजीव कुमार गुप्ता ने कहा कि आने वाले बजट में माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) द्वारा टेक्नोलॉजी को तेज़ी से अपनाने पर ज़ोर देना चाहिए।
गुप्ता ने कहा कि MSMEs, खासकर टियर-2 और टियर-3 शहरों में काम करने वाले, अभी भारत की इकॉनमी में लगभग $1.5 ट्रिलियन का योगदान देते हैं और लगभग 10 प्रतिशत की दर से बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा, "अगर टेक्नोलॉजी को अपनाने को सही तरीके से बढ़ावा दिया जाए, तो यह ग्रोथ रेट 18 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।"
गुप्ता ने समझाया, "इसके लिए एक साफ़ और सपोर्टिव पॉलिसी फ्रेमवर्क की ज़रूरत है, और उन्हें उम्मीद है कि केंद्र सरकार आने वाले बजट में ऐसे उपायों की घोषणा करेगी।"
उन्होंने देश भर के टियर-2 और टियर-3 शहरों में डिजिटल इकॉनमी ज़ोन बनाने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया।