कोलकाता, 17 जनवरी || SIR के दौरान पहचान-पत्र डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन को लेकर विवादों के बीच, भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अधिकारियों (EROs) और जिला मजिस्ट्रेटों (DMs), जो जिला चुनाव अधिकारी (DEOs) भी हैं, को अब से डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रोग्रेस पर रोज़ाना अलग-अलग रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है।
मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO), पश्चिम बंगाल के कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि आयोग ने साथ ही EROs और DEOs को दो-चरणों वाली डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन प्रक्रिया का पालन करने का भी निर्देश दिया है, पहला EROs द्वारा और दूसरा DEOs द्वारा।
साथ ही, आयोग ने डॉक्यूमेंट ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया में स्पेशल रोल ऑब्जर्वर और माइक्रो-ऑब्जर्वर की भूमिकाएं भी तय की हैं।
CEO कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि एक तरफ, सुनवाई केंद्रों पर मौजूद माइक्रो-ऑब्जर्वर इस बात की पूरी निगरानी करेंगे कि सुनवाई सत्र के दौरान मतदाताओं द्वारा दिए गए सहायक पहचान दस्तावेजों की जांच EROs और सहायक इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अधिकारियों (AEROs) द्वारा ECI द्वारा तय दिशानिर्देशों के अनुसार की जा रही है या नहीं।
साथ ही, माइक्रो-ऑब्जर्वर से कहा गया है कि वे ECI द्वारा तय दिशानिर्देशों से किसी भी बड़े और बड़े पैमाने पर विचलन को आयोग के संज्ञान में लाएं।