चंडीगढ़, 5 जनवरी 2026
‘मिशन रोज़गार’ के तहत आज मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की ओर से शिक्षा विभाग के 606 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र देने के साथ पंजाब में पहली बार चार सालों में युवाओं को 61,000 से अधिक सरकारी नौकरियां मिलने का नया रिकॉर्ड स्थापित हुआ है। नव-नियुक्त उम्मीदवारों में 385 स्पेशल एजूकेटर टीचर, 157 प्राइमरी टीचर, 8 प्रिंसिपल तथा तरस के आधार पर भर्ती हुए 56 कर्मचारी शामिल हैं।
आज यहां टैगोर थिएटर में शिक्षा विभाग के 606 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपने के अवसर पर नए साल की बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि सभी नौकरियां पूरी तरह मेरिट और पारदर्शी तरीके से दी गई हैं तथा कभी भी किसी नियुक्ति को अदालती चुनौती का सामना नहीं करना पड़ा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने अप्रैल 2022 से सरकारी नौकरियां देने के लिए भर्ती अभियान शुरू कर दिया था और अब तक 61,281 सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाबियों को आज भी वह समय याद है जब युवा नियुक्ति पत्र की आस में सालों-साल डाकिए का इंतज़ार करते रहते थे, लेकिन अब वह दौर खत्म हो गया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार युवाओं को खुद नियुक्ति पत्र बांटकर सम्मान दे रही है।
भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछली सरकारों ने योग्यता और क्षमता की कद्र नहीं की, बल्कि इन सरकारों ने अपने पुत्र-भतीजों और चहेतों को रेवड़ियों की तरह नौकरियां बांटीं। इन सरकारों ने योग्यता होने के बावजूद नौकरी की प्रतीक्षा में भटकते युवाओं का दुःख-दर्द नहीं समझा। हमने चार सालों में पंजाब के हर गांव, शहर और कस्बे के युवाओं को योग्यता और क्षमता के आधार पर नौकरी दी ताकि साधारण घरों के युवाओं को आगे आने का मौका मिल सके। पारंपरिक पार्टियों के राजनेता अपने परिवार, रिश्तेदारों और चहेतों को ही पंजाब समझते थे, लेकिन मेरे लिए पूरा पंजाब ही मेरा परिवार है।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब भर के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए स्पेशल एजूकेटर शिक्षकों का अलग कैडर बनाया गया है, जिसके तहत आज 385 स्पेशल एजूकेटर शिक्षकों को नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्राइमरी और सेकेंडरी स्तर पर विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को नए कौशल सीखने में बड़ा लाभ होगा। सरकारी स्कूलों में इस समय विशेष आवश्यकता वाले लगभग 48,000 बच्चे पढ़ रहे हैं।
स्पेशल एजूकेटर शिक्षकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “आपकी ड्यूटी केवल विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को पढ़ाना ही नहीं, बल्कि मानवता की सेवा के प्रति ज़िम्मेदारी है। आपको इन बच्चों के भविष्य के लिए माता-पिता से भी बड़ी भूमिका निभानी है। मुझे आपसे उम्मीद है कि आप इस नेक कार्य के लिए समर्पित होकर काम करेंगे।”
नव-नियुक्त शिक्षकों और प्रिंसिपलों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के उज्ज्वल भविष्य की डोर शिक्षक के हाथ में होती है और एक शिक्षक का फ़र्ज़ अपने विद्यार्थियों के मन को ज्ञान की रोशनी से आलोकित करना होता है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक ही विद्यार्थी के दिमाग को डॉक्टर, इंजीनियर और कलाकार के लिए उसी तरह ढालता है जैसे एक मूर्तिकार अपनी कृतियों को आकार देता है। भगवंत सिंह मान ने कहा, “शिक्षक का बच्चे के जीवन में बहुत बड़ा रोल होता है। निर्मल मन पर कुछ भी उकेर दो, सारी ज़िंदगी मिटता नहीं।”