नई दिल्ली, 25 फरवरी || बुधवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत का भवन निर्माण सामग्री बाजार अगले पांच वर्षों में 10-12 प्रतिशत की मजबूत चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) से प्रेरित होकर वित्त वर्ष 2025 में 57 अरब डॉलर के आधार से बढ़कर 2030 तक लगभग 100 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।
निवेश बैंक एवेंडस कैपिटल की रिपोर्ट में कहा गया है कि तेजी से बिकने वाले विद्युत उपकरण सबसे बड़ा अवसर प्रस्तुत करते हैं, जिसमें ग्रिड उन्नयन, डेटा केंद्रों, इलेक्ट्रिक वाहन अवसंरचना और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण द्वारा समर्थित तारों और केबलों में मध्य-12 प्रतिशत सीएजीआर की वृद्धि होने की उम्मीद है।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पेंट और कोटिंग्स सबसे संगठित और लाभदायक क्षेत्रों में से हैं, जिनमें 14-19 प्रतिशत ईबीआईटीडीए मार्जिन है, जबकि टाइल्स और बाथवेयर निर्यात प्रतिस्पर्धा से लाभान्वित होते हैं।
उत्पाद की उन्नत गुणवत्ता के कारण भारतीय टाइल और स्नान सामग्री का वैश्विक टाइल निर्यात में मात्रा के हिसाब से लगभग 15 प्रतिशत हिस्सा है। वहीं, लकड़ी के पैनलों में मीडियम डेंसिटी फाइबरबोर्ड (एमडीएफ) की पैठ वित्त वर्ष 2020 में 20 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 30 प्रतिशत हो गई है, और वित्त वर्ष 30 तक इसके लगभग 45 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है।
लकड़ी के पैनलों के बाजार में यह उछाल मॉड्यूलर तकनीक और कम प्रतिस्थापन चक्रों के कारण है। फर्नीचर फिटिंग और वास्तुशिल्प हार्डवेयर में भी स्थानीय विनिर्माण की ओर संरचनात्मक बदलाव हो रहा है, जिसे बैकवर्ड इंटीग्रेशन और सख्त नियामक मानदंडों से बल मिल रहा है।