नई दिल्ली, 17 जनवरी || भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने कहा है कि हाल ही में जारी किए गए विदेशी मुद्रा प्रबंधन (माल और सेवाओं का निर्यात और आयात) विनियम, 2026, 1 अक्टूबर से लागू होंगे - जिससे छोटे व्यापारियों के लिए नियमों का पालन करना आसान होगा और डिजिटल निगरानी मज़बूत होगी।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, "ये नियम मुख्य रूप से सिद्धांतों पर आधारित हैं और इनका मकसद बिज़नेस करने में आसानी को बढ़ावा देना है, खासकर छोटे निर्यातकों और आयातकों के लिए। इनका मकसद अधिकृत डीलरों को अपने ग्राहकों को तेज़ और ज़्यादा कुशल सेवा देने के लिए सशक्त बनाना भी है।"
13 जनवरी को घोषित ये नियम 2015 के निर्यात नियमों की जगह लेंगे, जिससे अधिकृत डीलर बैंकों को अपनी आंतरिक नीतियों के तहत रोज़मर्रा के व्यापार मामलों को मैनेज करने का अधिकार मिलेगा।
RBI की अधिसूचना के अनुसार, माल के निर्यातक (इलेक्ट्रॉनिक डेटा इंटरचेंज) EDI पोर्ट पर शिपिंग बिल में शामिल एक्सपोर्ट डिक्लेरेशन फॉर्म (EDF) के ज़रिए शिपमेंट मूल्यों की घोषणा करना जारी रखेंगे।
EDI पोर्ट मैनुअल कागज़ी कार्रवाई के बजाय इलेक्ट्रॉनिक रूप से कस्टम क्लीयरेंस और व्यापार दस्तावेज़ीकरण का समर्थन करते हैं।