नई दिल्ली, 29 नवंबर || वैज्ञानिकों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने इस बात के पुख्ता सबूत पाए हैं कि बचपन में रेस्पिरेटरी सिंसिटियल वायरस (RSV) का संक्रमण बचपन में अस्थमा होने के खतरे को काफी बढ़ा देता है।
जिन बच्चों के परिवार में एलर्जी या अस्थमा का इतिहास रहा है, उनमें यह खतरा खास तौर पर ज़्यादा होता है।
साइंस इम्यूनोलॉजी जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन से पता चलता है कि नवजात शिशुओं को RSV से बचाने से बाद में अस्थमा के मामलों में काफी कमी आ सकती है।
VIB (फ़्लैंडर्स इंस्टीट्यूट फॉर बायोटेक्नोलॉजी) और बेल्जियम के गेन्ट विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर बार्ट लैम्ब्रेच ने कहा, "बचपन में होने वाला अस्थमा एक जटिल बीमारी है जिसके कई कारण होते हैं।"